कॉमिक्स

भारतीय कॉमिक्स का इतिहास और वर्तमान स्थिति


History of indian comics

भारत में कॉमिक्स का इतिहास पुराना रहा हैं। तरह तरह की लोक कथाओं और पौराणिक कथाओं को लेकर कॉमिक्स बनती रही हैं जिन्हें बच्चो के अलावा बड़ों ने भी बहुत पसंद किया। करीब 1960 से 2000 तक के 40 सालो में कॉमिक्स इंडस्ट्री की कंपनियों को सफल और बड़े पब्लिकेशन के तौर पर जाना जाता था। और ये समय भारतीय कॉमिक्स इंडस्ट्री का गोल्डन टाइम पीरियड भी कहा जा सकता है जब कुछ ही हफ्तों में लाखो कॉमिक्स बिक जाया करती थी, लेकिन आज के समय में पूरे भारत में एक लाख कॉमिक्स भी बड़ी मुश्किल से बिक पाती हैं। इसका मुख्य कारण कॉमिक्स इंडस्ट्री को टेलीविजन, कार्टून, इंटरनेट और गेमिंग इंडस्ट्री से कॉम्पिटिशन मिलना था जिसमें ये प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाई। कुछ आंकड़ों के हिसाब से 90 के दौर में पूरे भारत में करीब 25 से ज्यादा कॉमिक्स कंपनियां थी और वर्तमान में इनमें से कुछ ही कंपनियां अस्तित्व में है और अभी भी पहले की तरह नियमित रूप से कॉमिक्स बना रही हैं लेकिन इन्हे भी बहुत प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

Phantom & Mandrake – History of indian comics

आजादी के बाद 1950 के समय में विदेशी पात्रों पर कॉमिक्स दिखा करती थी जिसमे सबसे प्रमुख फैंटम, मंड्रेक, फ़्लैश गॉर्डन जैसे पात्र हुआ करते थे। ऐसी कॉमिक्स को हिंदी में अनुवाद कर के छापा जाता था। भारत की सबसे पहली कॉमिक्स 1960 के दशक में लीडिंग न्यूजपेपर कंपनी “द टाइम्स ऑफ इंडिया” ने इंद्रजाल नाम से शुरू की जो की पूरे भारत में बहुत प्रसिद्ध हुई। उसके बाद धीरे धीरे कई सारी भारतीय कंपनियां  कॉमिक्स इंडस्ट्री में आने लगी जो कि बिल्कुल भारतीय संस्कृति के अनुरूप कॉमिक्स बनाने लगी। 1980 के वक्त में भारतीय कॉमिक्स सुपर हीरोज थीम पर आने लगी जैसे चाचा चौधरी, बहादुर, डिटेक्टिव मूंछवाला, नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव, डोगा, शिकारी शंभू और भी बहुत। वर्तमान में राज कॉमिक्स और कुछ हद तक डायमंड कॉमिक्स ही प्रतिस्पर्धा कर पाई है लेकिन इन कॉमिक्स पब्लिकेशंस के सामने भी बहुत सारी चुनौतियां हैं जिनमें सबसे बड़ी चुनौती अपने अस्तित्व की जिंदा रखने की हैं। हालांकि राज कॉमिक्स ने किसी तरह से अपने आपको इस मुश्किल प्रतिस्पर्धा में बनाए रखा है। लोगो तक अपनी पहुंच बनाने के लिए राज कॉमिक्स अब मोबाइल एप्लिकेशन की सहायता से ई-कॉमिक्स उपलब्ध करवा रही है। वेब सीरीज बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा कुछ इंडिपेंडेंट सर्किट भी हैं जो किसी तरह से कॉमिक्स इंडस्ट्री जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं। अगर आपको इसकी जानकारी नहीं है तो हम नीचे आपको एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध एप्लिकेशन का लिंक नीचे देंगे ताकि आप वहां  बहुत ही कम पैसों में ई-कॉमिक्स डाउनलोड कर पाएंगे और अपने फोन इसका मज़ा ले पाएंगे।

Indian super Heros – History of Indian comics

मेरा व्यक्तिगत तौर पर ये मानना है कि कॉमिक्स कंपनी और इनके पाठक दोनो को एक दूसरे की सहायता करने होगी जिससे कि ये पुरानी लगैसी बरकरार रहे। कॉमिक्स कंपनियों को चाहिए कि वो ज्यादा से ज्यादा नए तरीको से अपने आपको पेश कर सके और पाठकों को भी चाहिए कि वो इन कॉमिक्स पढ़े और ज्यादा से ज्यादा लोगो को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे।

राज कॉमिक्स की एंड्रॉयड एप्लिकेशन यहां से डाउनलोड करे ->ऑफिसियल राज कॉमिक्स एंड्राइड एप्लीकेशन

आपको हमारा पोस्ट कैसा लगा? क्या आपने भी अपने बचपन में कॉमिक्स पढ़ी हैं या अभी भी आप पढ़ते हैं? एक कॉमिक्स फैन होने के नाते आप क्या सुझाव देंगे जिससे की हमारे देश में भारतीय कॉमिक्स आगे बढ़ सके! कमैंट्स सेक्शन में अपनी राय दे!

8Shares

Leave a Reply